अभिनेत्री अश्मिता बख्शी को उनके थिएटर प्ले ‘शिव शक्ति’ के लिए दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। इस नाटक में वह देवी के तीन अलग-अलग रूपों यानी शक्ति, सती और पार्वती के किरदार निभाती नजर आ रही हैं। नाटक की कहानी और संगीत से लेकर कलाकारों की परफॉर्मेंस, लाइटिंग और स्टेज डिजाइन तक, हर पहलू को दर्शकों ने पसंद किया है। यही वजह है कि यह अनुभव अभिनेत्री के लिए बेहद खास बन गया है।
अपने नाटक को मिल रही प्रतिक्रिया के बारे में बात करते हुए अश्मिता कहती हैं, “मेरे नाटक ‘शिव शक्ति’ को जिस तरह की प्रतिक्रिया मिली है, वह मेरे लिए किसी सपने जैसी और बेहद शानदार रही है। लोगों को इसका पूरा सेटअप पसंद आया। कहानी लिखने से लेकर गाने, किरदारों और एक्टिंग तक, दर्शकों ने हर चीज को बहुत प्यार दिया है।”
वह आगे कहती हैं, “पीछे लगी एलईडी स्क्रीन, बैकग्राउंड साउंड और यहां तक कि छोटी-छोटी चीजों पर भी लोगों ने ध्यान दिया और उन्हें पसंद किया। शायद दर्शकों को उम्मीद नहीं थी कि हम इस स्तर का शो पेश करेंगे, लेकिन हमें खुशी है कि हम उनकी उम्मीदों पर खरे उतर पाए।”
देवी के तीन अलग-अलग रूपों को निभाने के अनुभव को खास बताते हुए अश्मिता कहती हैं, “मेरे लिए शक्ति से लेकर सती और फिर पार्वती तक, देवी के इन तीनों रूपों को निभाना बहुत सौभाग्य की बात है। मुझे दर्शकों, अपने परिवार और दोस्तों से इतना प्यार मिला है कि मैं खुद को बेहद खुशकिस्मत मानती हूं। जो लोग नाटक देखने आए, वे मेरे पास आए और उन्होंने बताया कि मुझे देवी के इन तीन अलग-अलग रूपों में देखकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। उन्होंने अपने अनुभव और भावनाएं मेरे साथ साझा कीं।”
वह आगे कहती हैं, “मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे यह किरदार निभाने का मौका मिला। जब दो महीने पहले मुझे इस भूमिका के लिए चुना गया था, तभी से मैं इस आशीर्वाद को महसूस कर रही थी। अब जब यह नाटक दर्शकों के सामने आ चुका है और हमें उनकी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, तो यह एहसास और भी खूबसूरत हो गया है। यही थिएटर की सबसे खास बात है कि आप दर्शकों के सामने परफॉर्म करते हैं और उनकी भावनाओं को उसी पल महसूस कर पाते हैं।”
नाटक के प्रीमियर पर भी दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पहला शो हाउसफुल रहा, जिसके बाद इसके दो और शो आयोजित किए गए। इस बारे में अश्मिता बताती हैं, “यह देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। हमारा प्रीमियर पूरी तरह हाउसफुल था। वहां मनोरंजन जगत के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग आए थे। कुछ लोग थिएटर के शौकीन थे, तो कुछ फिल्म इंडस्ट्री से थे। इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों से लेकर गृहिणियों तक, अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमि के लोग नाटक देखने पहुंचे थे। सबसे अच्छी बात यह रही कि सभी ने इसे पसंद किया और इसकी खूबसूरती को सराहा।”
अपनी बात खत्म करते हुए अश्मिता कहती हैं, “हमें एहसास हुआ कि सही तरह के प्रचार, सोशल मीडिया पर नाटक के अच्छे दृश्यों को साझा करने और लोगों के बीच उत्साह पैदा करने से काफी फर्क पड़ता है। प्रीमियर के बाद भी कई दर्शक सिर्फ लोगों से मिली प्रतिक्रिया यानी वर्ड ऑफ माउथ के जरिए नाटक देखने पहुंचे। हमें बहुत खुशी है कि हम दर्शकों तक अपना काम इतनी अच्छी तरह पहुंचा पाए।”
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