नवरात्रि के आगमन के साथ ही घरों में घटस्थापना और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। ज्योतिषाचार्य गौराई जैन के अनुसार, नवरात्रि की तैयारी केवल पूजा स्थल को सजाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि घर की सफाई, अनावश्यक सामान हटाने और वातावरण को शांत व सकारात्मक बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
गौराई जैन का कहना है कि घटस्थापना से पहले घर के हर हिस्से की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। अलमारी, रैक, कोनों और उन जगहों पर भी ध्यान देना जरूरी है, जहां आमतौर पर सफाई नहीं हो पाती। वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व रखने वाले ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए।
उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार को भी साफ, रोशनी से युक्त और अव्यवस्था से मुक्त रखने की सलाह दी। दरवाजे पर तोरण, ताजे फूल या पारंपरिक रंगोली बनाकर घर को उत्सव के अनुरूप सजाया जा सकता है।
पूजा स्थल को व्यवस्थित रखने और ताजे फूलों से सजाने के साथ अखंड ज्योति के लिए सुरक्षित स्थान चुनने की भी सलाह दी गई है। दीपक को स्थिर जगह पर रखें और पर्दों, कागजों तथा अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। गौराई जैन के अनुसार, अखंड ज्योति आस्था और निरंतर दिव्य प्रकाश का प्रतीक है, लेकिन इसे जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने घर में जमा पानी, टपकते नलों और टूटे या अनुपयोगी सामान को हटाने की सलाह दी। खिड़कियां खोलकर प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा आने देना भी जरूरी है।
गौराई जैन का कहना है कि नवरात्रि की तैयारी केवल घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इन नौ दिनों के लिए सकारात्मक संकल्प लेकर परिवार के स्वास्थ्य, शक्ति, ज्ञान और सुख-शांति की प्रार्थना करनी चाहिए। उनके अनुसार, घटस्थापना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सकारात्मकता और आत्मिक विकास की नई शुरुआत भी है।
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