शिक्षा मंडल, देवांशी और कृष्ण कन्हैया जैसे शोज में नजर आ चुके अभिनेता गौरव सिंह के लिए नवरात्रि सिर्फ त्योहार मनाने का मौका नहीं है, बल्कि यह खुद को जमीन से जुड़ा रखने, दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार करने और जिंदगी में संतुलन बनाए रखने की याद भी दिलाता है। उनके लिए यह त्योहार परिवार के साथ समय बिताने और अपनी जिंदगी की अहम बातों पर ध्यान देने का भी मौका है।
आज के समय में बुराई पर अच्छाई की जीत का उनके लिए क्या मतलब है, इस पर गौरव कहते हैं, “मेरे लिए इसका मतलब है कड़वाहट की जगह अच्छाई को चुनना। जिंदगी में मुश्किलें आती रहेंगी, लेकिन अगर आप सही रास्ते पर चलते हैं और खुद के प्रति ईमानदार रहते हैं, तो आप पहले ही उस लड़ाई में जीत रहे हैं।”
गौरव की बचपन की नवरात्रि की यादें लोगों के साथ मिलकर त्योहार मनाने से जुड़ी हैं। वह कहते हैं, “मेरे बचपन में नवरात्रि की यादें लोगों के एक साथ आने से जुड़ी हैं।”
उन दिनों को याद करते हुए वह बताते हैं, “मुझे याद है कि सार्वजनिक जगहों को सजाया जाता था, खाने-पीने का इंतजाम होता था और मोहल्ले के सभी बच्चे एक जगह इकट्ठा होते थे। उस समय हर तरफ बहुत उत्साह होता था और सब कुछ बहुत मासूम और खूबसूरत लगता था।”
गौरव के लिए नवरात्रि की सबसे खास बात आज भी लोगों के बीच वही अपनापन है। वह कहते हैं, “आज भी मेरे मन में सबसे ज्यादा वही एक-दूसरे के साथ होने का एहसास रहता है।”
वह चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएं। गौरव कहते हैं, “आज हर कोई अपनी जिंदगी में व्यस्त है और डिजिटल दुनिया से जुड़ा हुआ है। ऐसे में लोगों का आमने-सामने मिलना और साथ समय बिताना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि इस भावना को हमें संभालकर रखना चाहिए और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए।”
काम की व्यस्तता के बीच त्योहारों पर परिवार के साथ समय बिताना भी गौरव के लिए काफी मायने रखता है। वह कहते हैं, “मेरा मानना है कि काम जिंदगी का एक अहम हिस्सा है, लेकिन उसे पूरी जिंदगी नहीं बन जाना चाहिए।”
जब भी मौका मिलता है, वह परिवार के साथ त्योहार मनाने को प्राथमिकता देते हैं। गौरव कहते हैं, “जब भी आपको अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने का मौका मिले, तो मेरी नजर में उसे प्राथमिकता देनी चाहिए।”
वह मानते हैं कि कई बार काम की वजह से ऐसा करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन परिवार के साथ बिताए पल ही सफलता को और खास बनाते हैं। वह कहते हैं, “कई बार काम इसकी इजाजत नहीं देता, लेकिन आखिर में सफलता का असली मतलब तभी महसूस होता है, जब आपके पास अपनी खुशियां बांटने के लिए परिवार हो।”
नवरात्रि से जुड़ी एक और बात गौरव को पसंद है और वह है व्रत रखने की परंपरा। उनके लिए यह शरीर और मन को आराम देने का एक तरीका है। इस बारे में वह कहते हैं, “नवरात्रि में मुझे व्रत रखने का विचार अच्छा लगता है, क्योंकि इससे शरीर और मन को थोड़ा आराम देने का मौका मिलता है। मेरे लिए यह संयम रखने, अनुशासन अपनाने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की याद दिलाता है।”
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