अश्मिता बख्शी का कमर्शियल थिएटर में डेब्यू, ‘शिव शक्ति’ में निभाएंगी तीन रूप - Manoranjan Metro

    ‘108 बेस हॉस्पिटल’ और ‘उरी’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं अभिनेत्री अश्मिता बख्शी अपने अभिनय करियर के एक नए पड़ाव की ओर बढ़ रही हैं। वह डांस ड्रामा ‘शिव शक्ति: एक दिव्य प्रेम कथा’ के साथ कमर्शियल थिएटर में डेब्यू करने जा रही हैं। इस पौराणिक नृत्य नाटक में अश्मिता शक्ति, सती और पार्वती के तीन अलग-अलग रूपों में नजर आएंगी। वहीं, मशहूर कोरियोग्राफर संदीप सोपारकर तीनों युगों में भगवान शिव की भूमिका निभाएंगे। अश्मिता के लिए यह प्रोजेक्ट खास है, क्योंकि इससे पहले उन्होंने अभिनय की कक्षाओं के दौरान थिएटर किया था, लेकिन यह उनका पहला कमर्शियल नाटक है।

    इस बारे में बात करते हुए अश्मिता ने कहा, “मेरे लिए ‘शिव शक्ति’ बहुत महत्वपूर्ण नाटक है, क्योंकि यह मेरा पहला कमर्शियल प्ले है। मैंने इससे पहले दो नाटक किए हैं, लेकिन वे उन एक्टिंग क्लासेज से जुड़े थे, जहां मैंने अभिनय सीखा है। उन नाटकों में भी थिएटर इंडस्ट्री के जाने-माने लोग शामिल थे।”


    अपने किरदारों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “यह मेरा पहला कमर्शियल प्ले है और मुझे इसमें बहुत खूबसूरत भूमिका मिली है। मैं एक ही नाटक में तीन किरदार निभा रही हूं। पहले युग में शक्ति, दूसरे में सती और तीसरे में पार्वती का किरदार है। संदीप सोपारकर सर तीनों युगों में शिव की भूमिका निभा रहे हैं। यह बहुत खूबसूरती से लिखा गया नाटक है और मैं इस भूमिका को निभाने के लिए बेहद उत्साहित हूं।”

    दिलचस्प बात यह है कि अश्मिता को इस नाटक का ऑफर किसी पुराने संपर्क के जरिए नहीं मिला था। उनके मुताबिक, इस भूमिका तक पहुंचने में किस्मत का बड़ा हाथ रहा। उन्होंने कहा, “मैं इस प्रोडक्शन हाउस के किसी व्यक्ति को नहीं जानती थी। न ही मेरी निर्देशक या बाकी कलाकारों से कोई जान-पहचान थी। मैं कहूंगी कि मुझे यह भूमिका किस्मत से मिली है।”

    अश्मिता ने बताया कि उनके डांस शूज बनाने वाले एक परिचित के जरिए उन्हें इस नाटक का ऑफर मिला। उन्होंने कहा, “जमील नाम के एक व्यक्ति का अपना शू ब्रांड है। मैं और मेरा पार्टनर उनसे अपने डांस शूज बनवाते हैं। उन्होंने ही मुझे इस नाटक का ऑफर दिया था। वह संदीप सोपारकर सर को भी जानते हैं। इसलिए मैं यही कहूंगी कि यह भूमिका मुझे किस्मत से मिली है।”

    चूंकि ‘शिव शक्ति’ एक डांस ड्रामा है, इसलिए कलाकारों को अभिनय के साथ-साथ नृत्य की भी कड़ी तैयारी करनी पड़ रही है। नाटक में लगभग सात से आठ डांस सीक्वेंस हैं, जिनके लिए कलाकार भरतनाट्यम और कथक की ट्रेनिंग ले रहे हैं। अश्मिता ने बताया, “यह एक डांस ड्रामा होने के साथ-साथ पौराणिक नाटक भी है। पिछले 18 से 20 दिनों से हमें भरतनाट्यम और कथक सिखाया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा शास्त्रीय नृत्य के कोरियोग्राफर्स को नियुक्त किया गया है। वे हमें इन नृत्य शैलियों की अलग-अलग मुद्राएं सिखा रहे हैं और हम काफी अभ्यास कर रहे हैं।”

    संदीप सोपारकर के साथ काम करने का अनुभव भी अश्मिता के लिए खास रहा है। संदीप को पिछले करीब 25 वर्षों से लैटिन बॉलरूम डांस के विशेषज्ञ के तौर पर जाना जाता है, लेकिन इस नाटक के लिए कथक और भरतनाट्यम में उनकी तैयारी देखकर अश्मिता काफी प्रभावित हुईं।

    उन्होंने कहा, “मैं कहना चाहूंगी कि एक कलाकार के तौर पर वह असाधारण हैं। हम उन्हें पिछले 25 सालों से लैटिन बॉलरूम के विशेषज्ञ के रूप में जानते हैं, लेकिन उन्हें कथक और भरतनाट्यम करते देखकर मुझे बहुत हैरानी हुई। एक बात जो मैं जरूर कहना चाहूंगी, वह यह है कि उनकी तैयारी बेहद शानदार है।”

    अश्मिता ने बताया कि संदीप की तैयारी देखकर उन्हें भी अपनी मेहनत बढ़ाने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा, “जब हम पहली बार रीडिंग के लिए मिले, उससे पहले हमारी कुछ डांस रिहर्सल हो चुकी थीं, इसलिए हम एक-दूसरे को जानते थे। लेकिन जब हमने रीडिंग शुरू की, तो उनकी सभी लाइनें पूरी तरह तैयार थीं और उनकी हिंदी भी बिल्कुल सही थी। उन्हें देखकर मुझे लगा कि मैं उनसे पीछे रह रही हूं। इसके बाद मैंने अगले ही दिन से अपनी तैयारी और तेज कर दी, ताकि मैं भी उनके स्तर तक पहुंच सकूं।”

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