ज्योति तिवारी बोलीं, खुद के प्रति सच्चे रहना ही सबसे बड़ी जीत - Manoranjan Metro

    नवरात्रि का त्योहार लोगों के लिए गरबा, संगीत, पारंपरिक परिधान और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर होता है। लेकिन इस पर्व का महत्व उत्सव तक सीमित नहीं है। यह आस्था, शक्ति, सकारात्मकता और आपसी एकजुटता का संदेश भी देता है। अभिनेत्री ज्योति तिवारी के लिए नवरात्रि बचपन की यादों को ताजा करने के साथ ही जीवन में अच्छे संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा देती है। ‘हुई गुम यादें’ में नजर आने वाली ज्योति ने नवरात्रि से जुड़ी अपनी यादों, पारिवारिक परंपराओं और इस पर्व से मिलने वाली सीख साझा की।

    ज्योति का मानना है कि बुराई पर अच्छाई की जीत केवल किसी बड़ी घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी इसका महत्व है। उनके मुताबिक, नकारात्मकता के बजाय सकारात्मकता चुनना, दूसरों को माफ करना और किसी की गलत सोच को अपने व्यवहार पर हावी न होने देना भी अच्छाई की जीत है। उन्होंने कहा कि कई बार सबसे बड़ी जीत खुद के प्रति सच्चे बने रहने और मुश्किल परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलते रहने में होती है।

    नवरात्रि से जुड़ी बचपन की यादों के बारे में ज्योति ने बताया कि घर में त्योहार की तैयारियां, परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ जुटना, संगीत, सजना-संवरना और चारों ओर बना उत्साह उन्हें आज भी याद है। उनके लिए बचपन के त्योहारों की सबसे खास बात उनकी सादगी थी, जब परिवार के साथ छोटे-छोटे पलों का आनंद लेना ही सबसे बड़ी खुशी हुआ करता था। उन्होंने कहा कि आज भी नवरात्रि का संगीत सुनते ही उन्हें बचपन के वे दिन याद आने लगते हैं।

    ज्योति का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहार मनाने के तरीके भले ही अलग हों, लेकिन परिवार के साथ मिलकर उत्सव मनाने की भावना हमेशा बनी रहनी चाहिए। वह चाहती हैं कि आने वाली पीढ़ी भी त्योहारों को परिवार के साथ मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाए। उनके अनुसार, आज कामकाज, मोबाइल फोन और व्यस्त दिनचर्या के कारण लोगों के पास एक-दूसरे के लिए समय कम होता जा रहा है। ऐसे में त्योहार परिवार के साथ बैठने और रिश्तों को मजबूत करने का अवसर देते हैं। उनके लिए हर रस्म को पूरी तरह निभाने से ज्यादा जरूरी उस त्योहार के पीछे छिपी भावना को समझना है।

    मनोरंजन जगत में काम के अनिश्चित समय और व्यस्त कार्यक्रमों के बीच परिवार के साथ त्योहार मनाना ज्योति के लिए खास मायने रखता है। उन्होंने कहा कि शूटिंग, यात्रा और काम के लंबे घंटों के कारण कई बार परिवार के साथ समय बिताने का अवसर नहीं मिल पाता। इसलिए जब भी उन्हें अपनों के साथ त्योहार मनाने का मौका मिलता है, वह उसे पूरी अहमियत देती हैं। उनके मुताबिक, काम और पेशेवर जिम्मेदारियों से परे परिवार और रिश्ते ही जीवन में सबसे अधिक मायने रखते हैं। भले ही साथ बिताने के लिए कुछ घंटे ही मिलें, लेकिन उन पलों को यादगार बनाना जरूरी है।

    नवरात्रि से मिलने वाली सीख पर ज्योति ने कहा कि यह पर्व उन्हें गरिमा के साथ मजबूत बने रहने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की शक्ति का संदेश केवल संघर्ष करने या आक्रामक होने तक सीमित नहीं है। कई बार कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना, जरूरत पड़ने पर किसी बात को छोड़ देना और मन में सकारात्मकता कायम रखना भी ताकत का ही रूप है। उन्होंने कहा कि वह इस सीख को अपने रोजमर्रा के जीवन में अपनाने की कोशिश करती हैं।

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