नवरात्रि में दोस्तों संग रातभर गरबा-डांडिया करने की यादें आज भी ताजा: आदित्य खुराना - Manoranjan Metro

    नवरात्रि का त्योहार अभिनेता आदित्य खुराना के लिए सकारात्मकता, परंपराओं और अपनों के साथ खुशियां बांटने का अवसर है। धारावाहिक ‘क्योंकि रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’ में नजर आने वाले आदित्य के लिए नवरात्रि से जुड़ी किशोरावस्था की यादें आज भी खास हैं। वह बताते हैं कि अपने किशोर दिनों में दोस्तों के साथ रातभर गरबा और डांडिया करने में खूब आनंद आता था।

    आदित्य का कहना है कि त्योहारों के दौरान माहौल में एक अलग तरह की सकारात्मकता महसूस होती है। नवरात्रि भी ऐसा ही पर्व है, जो लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने और आसपास के लोगों के साथ खुशियां मनाने का अवसर देता है। उनके मुताबिक, साल के इस समय का अपना खास आकर्षण है, जो लोगों को उत्साह और उमंग से भर देता है।

    अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अभिनेता ने बताया कि किशोरावस्था में नवरात्रि का मतलब दोस्तों के साथ गरबा और डांडिया करना होता था। वे पूरी रात नृत्य करते और त्योहार का आनंद लेते थे। आदित्य के अनुसार, वे दिन बेहद खूबसूरत थे और दोस्तों के साथ बिताए गए वे पल आज भी उनकी यादों में बसे हुए हैं।

    आदित्य मानते हैं कि नवरात्रि केवल घर में मनाने का त्योहार नहीं है, बल्कि लोगों के बीच जाकर उत्सव का हिस्सा बनने का भी अवसर है। गरबा-डांडिया, संगीत और उत्सव के माहौल में लोगों से मिलना-जुलना इस पर्व को खास बनाता है। उनके अनुसार, सामूहिक रूप से त्योहार मनाने से खुशियां बढ़ती हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब आने का मौका मिलता है।

    हालांकि, मनोरंजन जगत में व्यस्त दिनचर्या के कारण परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए पर्याप्त समय निकालना हमेशा आसान नहीं होता। आदित्य ने स्वीकार किया कि वह अपने परिवार के साथ पहले की तरह समय नहीं बिता पाने को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ त्योहार मनाना उनके जीवन के सबसे प्रिय अनुभवों में से एक है। अपनों के बीच रहने पर त्योहारों की खुशी और भी बढ़ जाती है।

    अभिनेता के लिए नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व भी है। वह इसे नकारात्मकता से दूर होकर मां दुर्गा की भक्ति में मन लगाने का समय मानते हैं। उनके अनुसार, त्योहार रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ समय का विराम लेकर जीवन की अच्छी बातों पर ध्यान देने और प्रियजनों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का अवसर देते हैं।

    आदित्य का मानना है कि नवरात्रि जैसे पर्व लोगों को सकारात्मक सोच अपनाने, अपनी परंपराओं से जुड़े रहने और परिवार व दोस्तों के साथ खुशियां बांटने की प्रेरणा देते हैं। उनके लिए इस त्योहार की असली खुशी नृत्य और उत्सव के साथ उन रिश्तों को संजोने में भी है, जो जीवन को खास बनाते हैं।

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