वे सिर्फ़ फ़ैशन नहीं अपनाते, बल्कि उसके ज़रिए अपनी बात भी कहते हैं: अंजलि फौगाट ने बताया कि कैसे दिलजीत दोसांझ ने पंजाबी स्टाइल को ग्लोबल पहचान दिलाई। - Manoranjan Metro

    दिलजीत दोसांझ ने फ़ैशन की दुनिया में अपनी ऐसी पहचान बनाई है जो उनके म्यूज़िक जितनी ही मशहूर है। उनकी पगड़ी और पंजाबी स्टाइल के कपड़ों से लेकर उनकी ज्वेलरी और इंटरनेशनल रेड कार्पेट पर उनकी मौजूदगी तक, उनका स्टाइल उनकी पब्लिक इमेज का एक अहम हिस्सा बन गया है। फ़ैशन डिज़ाइनर अंजलि फौगाट का मानना ​​है कि उन्हें जो चीज़ सबसे अलग बनाती है, वह यह है कि उनके कपड़े हमेशा उनके व्यक्तित्व के बारे में कुछ न कुछ कहते हैं।

    उन्होंने कहा, "दिलजीत दोसांझ की खासियत यह है कि वे सिर्फ़ फ़ैशन नहीं अपनाते, बल्कि उसके ज़रिए अपनी बात भी कहते हैं। उनके कपड़े उनकी पहचान, उनकी विरासत और उनके व्यक्तित्व का ही एक हिस्सा बन जाते हैं।"

    उन्हें लगता है कि दिलजीत ने कुछ बहुत ही पर्सनल बनाया है। उन्होंने कहा, "एक ऐसी इंडस्ट्री में जहाँ कई आर्टिस्ट एकदम सही फिटिंग वाले सूट, ब्लेज़र और लग्ज़री ब्रांड के कपड़ों में एक जैसे लग सकते हैं, वहाँ दिलजीत ने कुछ कहीं ज़्यादा अर्थपूर्ण बनाया है।"

    उनके लिए, दिलजीत की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे कभी भी अपनी सांस्कृतिक पहचान को साथ लिए बिना किसी जगह नहीं जाते। उन्होंने कहा, "जब वे किसी कमरे में, स्टेज पर या ग्लोबल रेड कार्पेट पर जाते हैं, तो पंजाब को भी अपने साथ ले जाते हैं।"

    उन्होंने बताया कि उनकी विज़ुअल पहचान कई बारीकियों से मिलकर बनी है। उन्होंने आगे कहा, "उनकी पगड़ी, पंजाबी स्टाइल के कपड़े, धोती, ज्वेलरी, कपड़ों की बनावट और यहाँ तक कि उनकी स्टाइलिंग में सादगी भी एक बहुत साफ़ विज़ुअल भाषा बनाती है।"

    उन्हें लगता है कि जब वे बोल्ड कपड़े भी पहनते हैं, तो भी उनमें एक तरह का संयम दिखता है। उन्होंने कहा, "अक्सर वे खास चीज़ों (स्टेटमेंट पीस) को साफ़-सुथरी और सलीके वाली चीज़ों के साथ बहुत अच्छे ढंग से बैलेंस करते हैं।"

    इसी निरंतरता ने उनके स्टाइल को तुरंत पहचाने जाने लायक बनाया है। उन्होंने कहा, "और शायद इसीलिए उनका फ़ैशन इतना पहचाना जाने लगा है। आप अक्सर दिलजीत को उनका नाम देखे बिना ही पहचान सकते हैं।"

    अंजलि के लिए, यही पर्सनल स्टाइल की असली पहचान है। उनके फ़ैशन को और भी खास बनाने वाली बात यह है कि उन्होंने किस तरह पंजाबी पहचान को इंटरनेशनल प्लैटफ़ॉर्म तक पहुँचाया है। उन्होंने कहा, “वह एक बहुत ज़रूरी बात समझते हैं: 'ग्लोबल' होने का मतलब यह नहीं है कि आप अपनी जड़ों से दूर हो जाएं। दिलजीत ने पंजाबी पहचान को इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया है, बिना उसे दुनिया के हिसाब से बदलने या कमज़ोर किए।”

    उनके कपड़ों में उनकी संस्कृति की झलक साफ़ दिखती है। उन्होंने कहा, “चाहे उनकी पगड़ी हो, पारंपरिक पंजाबी कपड़े हों, गहने पहनने का उनका अंदाज़ हो या उनकी स्टाइलिंग के पीछे का मकसद—वह अपनी संस्कृति को गर्व के साथ सामने रखते हैं।”

    और जिस तरह से वह इन ग्लोबल जगहों पर अपनी पहचान बनाते हैं, उसमें एक अहम फ़र्क है। उन्होंने कहा, “ग्लोबल लेवल पर जगह बनाने के लिए वह कोई और बनने की कोशिश नहीं करते। वह दिलजीत दोसांझ बनकर ही वहां जाते हैं।”

    यह सोच अंजलि की अपनी डिज़ाइन फ़िलॉसफ़ी से काफ़ी मिलती-जुलती है। उन्होंने कहा, “यह बात मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि फ़ैशन में मेरा अपना काम हमेशा से ही भारतीय संस्कृति को आज के ग्लोबल नज़रिए से दिखाने के बारे में रहा है।”

    उनके लिए, फ़ैशन का हमेशा कोई न कोई संदेश होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि सोच-समझकर अपनाए गए फ़ैशन में कोई कहानी होनी चाहिए। दिलजीत ठीक यही करते हैं।”

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